अध्ययन सुमन
शेखर सुमन के बेटे और एक्टर अध्ययन सुमन पिछले कई सालों से फिल्म इंडस्ट्री में हैं, लेकिन उनकी जर्नी कभी आसान नहीं रही। हाल ही में अध्ययन सुमन ने बॉलीवुड में अपने संघर्षों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि स्टार किड होने के बावजूद रिजेक्शन और असफलताएं उनकी जर्नी का हिस्सा रही हैं। एक इंटरव्यू के दौरान अध्ययन सुमन ने बॉलीवुड में नेपोटिज्म के मुद्दे पर बात की और बताया कि यह धारणा कि स्टार किड्स को सफलता की गारंटी है, बिलकुल गलत है। अपने सफर में उन्होंने रिजेक्शंस, असफलताओं और ऐसी स्थितियों का सामना किया है, जहां उन्हें पूरी तरह से खारिज कर दिया
गया था। अध्ययन सुमन ने कहा, हां, मैं एक फिल्मी परिवार से आता हूं, लेकिन सच्चाई यह है कि किसी ने भी मुझे थाली में परोसी हुई चीजें नहीं दी हैं।

मेरे पिता और मां ने भावनात्मक रूप से मेरा साथ दिया है, लेकिन हर ऑडिशन, हर मीटिंग, हर अवसर के लिए मुझे संघर्ष करना पड़ा है। उन्होंने आगे कहा, लोग सोचते हैं कि स्टार किड होना सफलता की गारंटी है, लेकिन यह सच नहीं है। मुझे कई बार अस्वीकृति और असफलताओं का सामना करना पड़ा है। जो मायने रखता है वह है लचीलापन और मैंने कभी भी खुद पर विश्वास करना बंद नहीं किया। अध्ययन सुमन ने माना कि फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री पारंपरिक रूप से मेल डोमिनेटेड रही हैं, खासकर जब प्रतिनिधित्व और समान अवसरों की बात आती है। हालांकि, उनका मानना है कि बदलाव धीरे-धीरे लेकिन लगातार हो रहा है और इसका क्रेडिट उन फिल्ममेकर्स को जाता है, जो अधिक संतुलित कहानियां बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा, यह सच है कि इंडस्ट्री में लैंगिक असंतुलन रहा है, खासकर फीस और अवसरों के मामले में। लेकिन बदलाव हो रहा है। भंसाली सर जैसे फिल्ममेकर ने ऐसा काम किया है। वह सिर्फ महिलाओं को लीड रोल में नहीं लेते, बल्कि उन्हें गहराई, गरिमा और शक्तिशाली भूमिका देते हैं।
हमें इस तरह की कहानी कहने की जरूरत है और मुझे इस तरह की कहानियों का हिस्सा बनने पर गर्व है। अध्ययन सुमन ने अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स के बारे में बताया कि इस साल उनके पास ४ फिल्में और ६ गाने आने वाले हैं। बताते चलें कि अध्ययन सुमन दिग्गज एक्टर शेखर सुमन और प्रोड्यूसर अलका सुमन के बेटे हैं। उन्होंने साल २००८ में ‘हाल-एदिल’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की।





