क्या ‘बर्ड फ़्लू फैला रहें हैं प्रवासी पक्षी’

ज्यादातर वैज्ञानिकों का यह मानना है कि “प्रवासी पक्षी” ज़िम्मेदार हैं पूरी दुनिया भर में फैलते हुए विभिन्न प्रकार के ‘बर्ड फ़्लू’ के लिए। वैज्ञानिकों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि, “भविष्य में ऐसे देशों के पोल्ट्री फ़ार्म्स में बर्ड फ़्लू के अधिक मात्रा में फैलने की संभावनाएं बताई गयी हैं”। शोधकर्ताओं का कहना था की, ‘पिछले वर्ष ब्रिटेन के बत्तख़ फ़ार्म में पाये गये। बर्ड फ़्लू का एक मामला रूस के प्रवासी पक्षियों के द्वारा यहां तक आया था’। जहां तक कि इस बर्ड फ्लू वायरस से मनुष्यों को ज़्यादा खतरा नहीं था, मगर लंबी यात्रा तय करने वाले इन प्रवासी पक्षियों की निगरानी करना अति आवश्यक है। “एच5एन8 वायरस” के चलते पिछले साल पूर्वी एशिया, रूस, उत्तरी अमरीका और चार यूरोपीय देशों में लाखों प्रवासी पक्षियों को मारा गया था। भारत में बर्ड फ़्लू का कहर 2006 में भी फैला था। इसके बाद 2008 और 2014 में भी बर्ड फ़्लू के कुछ मामले भारत में सामने आयें थे। जिसके कारण केरल में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था।

सिगरेट पैकेट पर 85 प्रतिशत वैधानिक चेतावनी अनिवार्य

Related Posts

तुलसी से होने वाले आश्च र्यजनक लाभों जाने

पुरातन काल से ही भारत में तुलसी के औषधीय गुणों को अत्याधिक महत्ता दी जाती है। जानिए ऐसे ही कुछ गुणों के बारे में जो हमारे शरीर के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए काफी…

चश्मा से छुटकारा पाने के लिए इन चीजों का सेवन जरुर करे

कम्प्यूटर पर बहुत काम या देर तक पढ़ाई करने के कारण आंखें सिर्फ थकती ही नहीं, बल्कि स्ट्रेस का असर उनकी रोशनी पर भी पड़ सकता है। ऐसे में अगर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

क्या ‘बर्ड फ़्लू फैला रहें हैं प्रवासी पक्षी’

मुझे जबरदस्ती करवाया बोल्ड सीन – जरीन खान

मुझे जबरदस्ती करवाया बोल्ड सीन – जरीन खान

पान की दुकान पर मिली पहली फिल्म फिर बने बॉलीवुड के सबसे बड़े विलेन

पान की दुकान पर मिली पहली फिल्म फिर बने बॉलीवुड के सबसे बड़े विलेन

स्टार किड होना सफलता की गारंटी नहीं

स्टार किड होना सफलता की गारंटी नहीं

पंकज त्रिपाठी ने बताया कि वह शुरुआत में सिर्फ पैसों के लिए काम करते थे

पंकज त्रिपाठी ने बताया कि वह शुरुआत में सिर्फ पैसों के लिए काम करते थे

भारत के सामने बढ़ती आबादी का संकट

भारत के सामने बढ़ती आबादी का संकट