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युवराज ने अंतिम ओवर में ‘वर्ल्ड कप’ का बोझ उतार दिया

Yuvraj-Singh

सिडनी में हुए ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ रविवार को भारतीय पारी के अंतिम ओवर ने विलेन बनने जा रहे खिलाड़ी युवराज सिंह को हीरो बना दिया. इसके साथ ही, पिछले दो साल से इस बाएं हाथ के बल्लेबाज़ के साथ चली आ रही एक टीस भी जाती रही होगी. दो वर्ष पहले ढाका में श्रीलंका के ख़िलाफ़ टी-20 विश्व कप के ख़िताबी मुक़ाबले में युवराज का बल्ला उनसे रूठ गया था और आलोचकों ने उन्हें भारत की हार का ज़िम्मेदार ठहराते हुए विलेन तक क़रार दिया था.

श्रीलंका के ख़िलाफ़ 6 अप्रैल 2014 को टी-20 विश्व कप के फ़ाइनल मैच में युवराज सिंह 21 गेंदों पर मात्र 11 रन ही बना सके थे. इस हार के लिए युवराज को उनके आलोचकों ने उन्हें जिम्मेदार माना. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ खेले गए पहले दो मैचों में युवराज को बल्लेबाज़ी का मौका नहीं मिल पाया था, इस तरह से भी दो साल बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले युवराज सिंह पर ख़ुद को साबित करने का दबाव था. भारतीय पारी में विराट कोहली का विकेट गिरने के बाद क्रीज पर युवराज आए थे. इस मुक़ाबले में अभी 31 गेंदें फेंकी जानी बाकि थीं और स्कोरबोर्ड पर जीत के लिए दर्ज थी 51 रनों की मुश्किल चुनौती. युवराज तीन गेंदें खेलने के बाद अपना खाता खोल सके. चौथी गेंद को उन्होंने पहले से ही सीमा रेखा के बाहर भेजने का मन बना लिया था, लेकिन वो इस पर पूरी तरह गच्चा खा गए. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 16 शतकों के साथ 11,000 से अधिक रन बना चुके युवराज पर रन बनाने का दबाव साफ़ नज़र आ रहा था.

भारतीय कप्तान धोनी को इसी मैच में उन्हें आजमाना था, जब भारी-भरकम चुनौती सामने थी. वनडे सिरीज में बुरी तरह मात खाने के बाद टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को टी-20 में धो दिया. दूसरे छोर पर सुरेश रैना थे और तेज़ गति से रन बना रहे थे. यह मैच धड़कनें बढ़ाता जा रहा था. आखिरी में 12 गेंदों में भारत और जीत के बीच बस 21 रन की जरूरत थी लेकिन 19वें ओवर में पाँच गेंदों पर युवराज चार रन ही जुटा सके थे और इस तरह अंतिम ओवर में भारत को जीत के लिए 17 रनों की दरकार थी. युवराज सिंह पर ज़बर्दस्त प्रेशर था, लेकिन अगली तीन गेंदों ने युवराज को विलेन से हीरो बना दिया, उन्होंने पहली गेंद को फ़ाइन लेग से सीमा रेखा के बाहर भेजा और दूसरी गेंद पर अपना ट्रेडमार्क छक्का लगाकर भारत को जीत दिला दी. इसके बाद का काम रैना ने पूरा किया और भारत 7 विकेट से जीतने के साथ ही सिरीज़ भी 3-0 से जीत गया. मैच जीतने के बाद जब भारतीय टीम मैदान का चक्कर लगा रहे थे तो ऐसा लगा मानो भारत को दूसरा विश्व कप दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाला ये चैंपियन कह रहा हो की, इस मैच के आख़िरी ओवर की पहली दो गेंदें तो मेरे लिए ही बनीं थी. युवराज सिंह के चेहरे पर संतोष साफ़ नजर आ रहा था.

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