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मधुमक्खी के डंक मारने पर करें उपचार

मधुमक्‍खी का डंक बहुत जहरीला होता है। और मधुमक्‍खी के डंक मरने पर काफी तेज दर्द और जलन होती हैं और डंक वाली जगह सूज भी जाती है। लेकिन अगर वक्त पर ही इसके डंक को निकाल दिया जाये और कुछ घरेलू उपायों द्वारा उपचार किया जाये तो जलन और फैलने वाले जहर को कम किया जा सकता है।

मधुमक्‍खी के डंक का उपाय

मधुमक्‍खी जिसे ‘हनी बी’ भी कहा जाता है। एक उड़ने वाला किट है जो छत्‍ता को बना कर रहती है। यह अक्‍सर अपना छत्‍ता घर की छतो पर या पेंड की टहनियों पर बनाते हैं। और कई बार आपके संपर्क में आने से मधुमक्‍खी आपको डंक भी मार देती है। इसका डंक बहुत जहरीला होता है। और इसमें काफी तेज दर्द और जलन होती हैं डंक वाली जगह में सूजन आ जाती है। लेकिन अगर समय रहते इसके डंक को निकाल दिया जाये और उपायों द्वारा उपचार किया जाये तो जलन और फैलने वाले जहर को भी कम किया जा सकता है। इनके लक्षणों को कम करने के लिए कुछ तरीकों को अपनाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि मधुमक्‍खी के डंक मारने पर उपचार कैसे किया जा सकता है।

सबसे पहले डंक निकाले

मधुमक्‍खी के काटने पर डंक को काटे हुए हिस्‍से से तुरंत बाहर निकालें। लेकिन ख्याल रहें कि डंक को अपने हाथों से निकालने की कोशिश न करें क्‍योंकि इससे आपके हाथों में भी जहर फैल सकता है। किसी कार्ड या धातु की मदद से डंक को निकालें।

ठंडा पानी या बर्फ

मधुमक्‍खी के काटने पर ठंडा पानी काफी फायदेमंद होता है। डंक वाली जगह को तुरंत ठंडे पानी में कम से कम 5 मिनट के लिए रखें। ठंडक रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ती है और दर्द और खुजली को सुन कर देती है। या मधुमक्‍खी के कटने पर डंक वाले हिस्‍से पर बर्फ को कपड़ें में बांध कर लगभग 10 मिनट के लिए हल्‍के-हल्‍के लगाये। इससे तुरंत आपको आराम मिल जायेगा।

शहद

शहद में एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों के कारण मधुमक्‍खी के काटने पर उससे होने वाले डंक के असर को खत्‍म कर देता है। इसके लिए डंक वाले हिस्‍से में शहद को अच्‍छे से लगा दें। इसका ठंडा और सुखदायक प्रभाव डंक के लक्षणों को काफी हद तक कम करने में मदद करता है।

चूना

चूना एक बहुत ही अच्‍छा ‘अल्‍कोलाइड’ है, जो एसिड के असर को तुरंत ही कम करता है। इसलिए चूना मधुमक्‍खी के काटने पर उसके जहर को शरीर में फैलने से रोकता है। तथा वह जहर के असर को भी तुरंत खत्‍म कर देता है। मधुमक्‍खी के डंक के असर को कम करने के लिए चूना में हल्‍का सा पानी मिलाकर पेस्‍ट बनाकर और इसे डंक वाले हिस्‍से में लगाये।

कैलामाइन लोशन

मधुमक्‍खी के काटने पर उसके डंक के लिए ‘कैलामाइन लोशन’ भी बहुत अच्‍छा होता है। डंक के असर को कम करने के लिए डंक वाली जगह में कैलामाइन लोशन लगाकर 40 मिनट के लिए छोड़ दें और चार घंटे के बाद दोबारा इसे लगाये। इससे डंक का असर कम हो जाता है.

गेंदे का फूल

गेंदे के फूल के रस में ‘एंटीफंगल’ तत्‍व पाये जाते है। इसका प्रयोग मधुमक्‍खी के डंक पर करने से, डंक से होने वाली जलन और सूजन को कम किया जा सकता है। इसके लिए गेंदे के फूल के रस को मधुमक्‍खी डंक वाली हिस्‍से पर सीधा लगाने से जलन और सूजन पर लाभ मिलता है।

टूथपेस्‍ट का उपयोग

मधुमक्‍खी के काटने पर उसके डंक से फैलने वाले जहर को कम करने में टूथपेस्‍ट भी मददगार साबित होता है। इसके लिए मधुमक्‍खी के डंक वाली जगह को पूरी तरह से टूथपेस्‍ट से लेप कर ढक देना चाहिए। इस उपाय को एक दिन में कम से कम तीन से चार बार करें। डंक वाले हिस्से पर आरम मिलेगा.

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