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बुधवार रहा सीजन का सबसे ठंडा दिन, तापमान 1 डिग्री पर आया

Winter

ठंड ने अपना असर देर से ही सही पर दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार को तापमान घटकर न्यूनतम एक डिग्री सेल्सियस तक आ गया, जो मंगलवार की तुलना में 0.8 डिग्री सेल्सियस कम था। कोहरे और ठंडी हवाओ से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों में लिपटे हुए नजर आए।
कई सालो के बाद इस बार आधी जनवरी तक कुछ खास ठंड नहीं थी। लोग स्वेटर में दिन गुजार रहे थे। मौसम वैज्ञानिक भी पहली बार सर्दी में तापमान अधिक रहने से हैरान थे, लेकिन करीब चार-पांच दिन से मौसम अचानक बदल गया है।
मंगलवार का दिन इस सीजन का सबसे ठंडा दिन माना जा रहा था, जिसमें न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस रहा था, मगर बुधवार का दिन तो तापमान एक डिग्री सेल्सियस तक आ पहुंचा, जिसकी वजह से बुधवार सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया।

मंगलवार की रात नौ बजे से ही कोहरा छाना शुरू हो गया था। रातभर भारी कोहरे और अंधेरे की वजह से विजीबिलीटी कम हो गई थी, जिसके कारण से देहरादून और दिल्ली हाईवे पर भारी वाहनों को बहुत धीमे सफर करना पड़ा। बुधवार की सुबह भारी कोहरा छा गया। मंगलवार की तुलना में लोगों ने बुधवार को अधिक ठंड महसूस की। ऐसे में सर्दी से बचने के लिए सभी लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। सर्दी का असर बाजारों पर भी देखने को मिला रहा है। मंगलवार को साप्ताहिक बंदी के बाद बुधवार को बाजार जरूर खुले, लेकिन भीड़ खरीदारी करने वालों की भीड़ उतनी नहीं थी, जितनी की बाकि दिनों में रहती थी। हालांकि गर्म कपड़ों का व्यवसाय जो अभी तक ठंडा चल रहा था, ठंड बढ़ने के साथ एकदम से गर्म हो गया है। ऐसे में गर्म कपड़ों की मांगे बढ़ गयी हैं।

संभलकर रहें दिल के मरीज

नगर निगम भले ही नगर में 15 से 20 स्थानों पर अलावा जलाने का प्रबंध करने का दावा कर रहा हो, लेकिन ऐसा है नहीं। निगम अफसरों द्वारा बताए गए स्थानों में से ज्यादातर जगहों पर अलाव की व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। बुधवार को भी रेलवे स्टेशन के बाहर अलाव तो जरूर नजर आई। उसमें निगम की लकड़ी नहीं बल्कि प्लास्टिक और कचरा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम जो लकड़ी डालता है वह गीली और काफी कम मात्रा में होती हैं, जिन्हें जला पाना आसान नहीं है। उधर, रेलवे स्टेशन के बाहर बना रैन बसेरा भी छोड़ा पड़ता नजर आ रहा है। इसमें महिला और पुरुष एक साथ रहने को मजबूर हैं।
अधिक ठंड और कोहरा दिल और सांस के मरीजों के लिए घातक साबित हो सकता है। ऐसे में इन मरीजों को ठंड से बचने की हिदायत दी जाती है। इस संबंध में डॉ. संजीव मिगलानी का कहना है कि कोहरे और ठंड में दिल के मरीजों को सुबह के पांच बजे से लेकर दस बजे तक अधिक खतरा रहता है। ऐसे वक्त में दिल के मरीजों को बिस्तर में ही रहना चाहिए। साथ ही ऐसे मरीजों को सुबह का टहलना भी बंद कर देना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा ठण्ड से बचे।

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