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जॉब के लिए, कंप्यूटर फील्ड में करें यह कोर्स

Hardware-and-Networking

हार्डवेयर और नेटवर्किंग का फील्ड तेजी से बढती हुई कंप्यूटर्स की संख्या से जुड़ा है। मतलब जैसे जैसे कंप्यूटर का उपयोग बढ़ता जा रहा वैसे वैसे बढ़ रही है प्रफेशनल्स की मांग। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है अभी भी सारी इंडस्ट्री में प्रफेशनल्स की कमी पाई जाती है। इसलिए कंप्यूटर कोर्स करने के बाद जॉब के रस्ते खुल जाते है।

आईटी फील्ड में काम करने वालो की सालो से अच्छी सैलरी रही है सॉफ्टवेर प्रफेशनल्स की तरह ही हार्डवेयर प्रफेशनल्स के लिए भी जॉब की कमी नहीं है । स्टार्टिंग में आप 25 से 35,000 रुपये महीने तक की जॉब पा सकते हैं। अनुभव और समय बढ़ने के साथ सैलरी में भी बढ़ोतरी होगी।

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि नेटवर्किंग में कोर्स करने के बाद कंप्यूटर सपोर्ट स्पेशलिस्ट, हेल्प डेस्क टेक्निशन, नेटवर्क या सिस्टम ऐडमिनिस्ट्रेटर, कंप्यूटर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट के रूप में करियर बना सकते हैं। उपयोगिता को देखे तो आज इन एक्सपर्ट्स की जरूरत लगभग हर संस्थान में महसूस की जाती है। फिर चाहे वह कंप्यूटर और डाटा प्रोसेसिंग यूनिट हों, बैंक या अन्य सरकारी कार्यालय, कोई इंडस्ट्री या कोई भी छोटी कामकाज वाली जगह हो हर जगह इनकी जरूरत पड़ती है। सरकारें द्वारा जिस तरह इग्वेर्नेस पर दबाव दे रही हैं, उससे यह फील्ड और भी हॉट बनता जा रहा है।

नेटवर्किंग में भी वक्त सबसे ज्यादा हॉट फील्ड वायरलेस स्किल्स और वीओआईपी (वॉयस ओवर इंटरनेट टेलीफोनी वाले है। इंडस्ट्री में भी कम से कम 35000 सिक्योरिटी स्किल वालो की कमी पाई जाती है। सिर्फ यही नही बल्कि इसके अलावा लोकल एरिया नेटवर्क (लैन) ऐडमिनिस्ट्रेशन, नेटवर्किंग डिजाइन जैसे फील्ड में भी सबसे ज्यादा डिमांड हैं।

आप मुख्य रूप से दो बेसिस कोर्स करके हार्डवेयर इंजिनियर बन सकते हैं। पहला, हार्डवेयर और दूसरा बेसिक नेटवर्किंग। हार्डवेयर कोर्स करने से आपको कंप्यूटर पार्ट्स के बारे में साडी जानकारी मिलेगी जो हार्डवेयर इंजिनियर या सिस्टम ऐडमिनिस्ट्रेटर बनने के लिए बहुत जरूरी है। अगर आप हार्डवेयर इंजिनियर बनना चाहते है तो आपको ये दोनों कोर्स जरुर करना चाहिए। नेटवर्किंग में इससे आगे कोई एक्सपर्ट बनना हो, तो अपनी पसंद के हिसाब से कुछ और बेसिक कोर्स करने होंगे, जैसे : लैन (लोकल एरिया नेटवर्क) और वैन (वाइड एरिया नेटवर्क) से जुड़े कोर्स। नेटवर्किंग से जुड़े कोर्स कराने के लिए कई सरकारी और प्राइवेट संस्थान हैं, जिन्होंने इन कोर्सेज के लिए अपनी अलग पहचान बनाई है। नेटवर्किंग सीखने के लिए तीन तरीके हैं : पहला ऑनलाइन स्टडी मटीरियल की मदद से खुद पढ़ाई, दूसरा ऐसे इंस्टिट्यूट्स जो किसी प्रोग्राम से जुड़े नहीं है और तीसरा सर्टिफाइड प्रोग्राम।

अगर ये सही तरीके से काम न करें,  तो सारा कामकाज अचानक बंद पड़ सकता है। कभी कभी बैंकों और अन्य सरकारी ऑफिस में नेटवर्क फेल होने के कारण सारा काम बंद हो जाता है, तब इस नेटवर्क को कार्यशील करने के लिए हार्डवेयर प्रफेशनल्स की मदद लेनी पड़ती है। नेटवर्किंग दरअसल कंप्यूटरों को आपस में जोड़कर ऐसा जाल बनाने का फील्ड है जिसमें कोई संस्थान काम कर सके। देखा जाये तो कंप्यूटर इंस्टॉलेशन से लेकर,  इसकी मैंटीनेंस और रोज़ के होने वाले काम का सारी जिम्मेदारी कंप्यूटर सपोर्ट स्पेशलिस्ट्स यानी हार्डवेयर इंजिनियर्स के कंधो पर ही होती है।

बढ़ती जा रही मांग

एक सर्वे के अनुसार तेजी से आई कंप्यूटर हार्डवेयर के फील्ड में वृद्धि से यह अनुमान लगाया गया है कि 2018 तक लाखों नेटवर्क इंजीनियरों की कमी होगी। सिर्फ इसी लिए ही नहीं बल्कि हम रोजमर्रा के जीवन में कंप्यूटर के बढ़ते उपयोग को देखते हुए हम इसकी उपयोगिता को समझ सकते हैं। आज के समय में कोई भी ऐसा कार्यालय नहीं हैं जहाँ कंप्यूटर पर काम नहीं होता हो। यहाँ तक की घर, स्कूल आदि जगहों पर भी कंप्यूटर की उपयोगिता बढती जा रही हैं।

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