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इन जॉब्स के लिए जरूरी नहीं डिग्री

undergraduate job

अक्सर युवा ग्रेजुएशन करते वक्त या ग्रेजुएशन करने के बाद अच्छी जॉब पाने के लिए नए कोर्स या पोस्ट ग्रेजुएट करने का मन बनाते हैं। हालांकि जॉब एक्सपर्ट का मानना है कि अगर किसी खास पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री में आपकी रुचि या क्षमता न हो तो आप अंडर ग्रेजुएट या बेसिक ग्रेजुएशन के साथ जॉब शुरू कर दें, क्योंकि इंडस्ट्री पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज को महत्व देती है। जानिए क्या हैं आपके लिए अवसर…

इन जॉब्स की खास बात

  • इन जॉब्स में अंडर ग्रेजुएट या ग्रेजुएट दोनों को जॉब मिल सकती है।
  • फ्रेशर को सैलरी और इन्सेंटिव के साथ 20-30 हजार रुपए महीने तक जॉब ऑफर हो सकती है।
  • इन जॉब्स में आगे ग्रोथ के काफी मौके हैं। अगर आपको ग्रोथ की उम्मीद है और वही जॉब आपके पसंद का है तो आप जरूरी कोर्स कर सकते हैं।
  • अगर जॉब आपकी पसंद का नहीं है, तो इन जॉब से जुड़े हुए कई दूसरे फील्ड भी हैं जहां आप शिफ्ट हो सकते हैं।

इक्विटी ट्रेडर

स्टॉक मार्केट में ट्रेड करने के लिए आपको मार्केट की समझ होनी जरूरी है। हालांकि इसके लिए डिग्री होना अनिवार्य नहीं है। ट्रेडर के सर्टिफिकेट कोर्स के लिए योग्यता 12वीं है

NSE पर दी जरूरी योग्यता के मुताबिक स्टॉक ब्रोकर बनने के लिए उम्र 21 साल से अधिक और 12 वी तक पढ़ाई जरूरी है

इसी हफ्ते एक बड़ी फाइनेंस कंपनी ने शेयर ट्रेडर और ट्रेड एडवाइजर के लिए जॉब निकालें हैं। जिसमें एक से 6 साल का शेयर मार्केट का एक्सपीरियंस मांगा है।

जॉब के लिए 2 से 4.5 लाख रुपए तक का पैकेज दिया गया है। आप इससे जुरी जानकारी गूगल में इक्विटी ट्रेडर सर्च कर के ले सकते हैं।

अगर इक्विटी मार्केट आपकी पसंद का जॉब है तो आप किसी भी ब्रोकरेज हाउस से जुड़ सकते हैं। वहीं आप अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं।

लोन/कार्ड एडवाइजर और कॉर्डिनेटर

एसबीआई कार्ड के लिए इसी वीक एक बड़ी जॉब वेबसाइट पर पोस्ट हुए एड में 40 सेल्स एग्जीक्यूटिव के लिए जॉब ऑफर हुई है जिसमें 1.5 से 3 लाख का पैकेज है जिसकी न्यूनतम योग्यता 12वीं पास है।

बैंक और एनबीएफसी के लोन सेग्मेंट पर लगातार जोर बढ़ाने से लोन एडवाइजर और कॉर्डिनेटर की जॉब काफी बढ़ गई है। लोन एडवाइजर जहां सेल्स से जुड़े होते हैं वहीं कॉर्डिनेटर क्लाइंट के पेपर कलेक्ट करने से लेकर फाइल तैयार करने में मदद करते हैं। इनका जॉब कॉल सेंटर या फिर फील्ड दोनों के जरिए हो सकता है।

सेल्स की जॉब के लिए कम्युनिकेशन स्किल अच्छी होनी चाहिए। जबकि कॉर्डिनेटर बनने के लिए 12वीं पास होना काफी है।

एचआर पॉलिसी की वजह से बैंक ग्रेजुएशन मांगते हैं। लेकिन एनबीएफसी और बैंक के डायरेक्ट सेल्स एसोसिएट अनुभव को प्राथमिकता देते हैं।

इन एनबीएफसी या डीएसए के साथ बिना डिग्री जॉब शुरू की जा सकती है। वहीं जॉब के साथ डिग्री हासिल कर आगे बैकों में बड़ी जॉब हासिल कर सकते हैं।

जॉब पोर्टल पर इन जॉब की भरमार है और शुरुआत में फ्रेशर को 1.25 लाख रुपए से 2.5 लाख रुपए सालाना का पैकेज मिल सकता है।

प्रोडक्ट सेल्स/मार्केटिंग

सेल्स की जॉब में डिग्री जरूरी नहीं होती।

कई कंपनियां प्रोडक्ट सेल्स के लिए अंडर ग्रेजुएट को हायर करती हैं।

वहीं कई कंपनियां ऐसी भी है जो बेसिक डिग्री को जॉब के लिए पर्याप्त मानती हैं।

रियल एस्टेट से लेकर कार शो रूम पर काम करने वाले सेल्स पर्सन के लिए कंपनियां प्रेजेंटेशन

स्किल को ही महत्व दिया जाता हैं। इन दोनों जॉब्स में बड़ी कंपनियों के शामिल होने से ग्रोथ के काफी अवसर बने हुए हैं।

हॉल ही में एक कंपनी ने फील्ड सेल्स एसोसिएट्स के लिए वॉक इन का आयोजन किया हैं जिसमें 3 लाख की सैलरी ऑफऱ की गई है।

सरकारी कंपनियों में भी मार्केटिग के जॉब ऑफर होते हैं।

फोटोग्राफर

पब्लिकेशंस, न्यूज एजेंसी से लेकर फैशन इंडस्ट्री तक फोटोग्राफर हायर करती हैं। इसके साथ ही सरकारी कंपनियां भी फोटोग्राफर के लिए जॉब निकालती हैं।

नेशनल म्यूजियम ने असिस्टेंट फोटोग्राफर की जॉब निकाली है, जहां क्वालिफिकेशन मैट्रिक और ट्रेनिंग के सर्टिफिकेट के साथ 2 साल का प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस मांगा है।

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